लुका रचित सुसमाचार अध्याय 9-13

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Chapter 9

139.   यीशु किस शहर में अपने शिष्यों के साथ अकेला गया था?

बैतसैदा (9:10)   

140.  किससे कहा, “तुम उन्हें कुछ खाने को दो?

यीशु ने अपने शिष्यों से कहा (9:13)    

141.  यीशु ने कितने लोगों को पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ दीं?

पांच हजार पुरूषों को (9:13)   

142.  किसने अपने चेलों से कहा, उन्हें पचास पचास करके पांति में बैठा दो। ?

यीशु (9:14)    

143.  5,000 लोगों को पाँच रोटियाँ और दो मछलियाँ देने के बाद कितने टोकरियाँ भरे गए?  

बारह (9:17)   

144.  लोगों ने कहा कि यीशु कौन था?  

यूहन्ना बपतिस्मा देने वाला, एलिय्याह,
और नबियों में से एक (9:19)   

145.   वह शिष्य जिसने कहा कि यीशु मसीह परमेश्वर  का मसीह है?

पतरस (9:20)    

146.   येरूशलम में यीशु की मृत्यु की महिमा किसने प्रकट की थी?

मूसा और एलिय्याह (9:31)   

147.  गुरु, जिन्होंने कहा कि हमारा यहां रहना भला है: सो हम तीन मण्डप बनाएं, एक तेरे लिये, एक मूसा के लिये, और एक एलिय्याह के लिये।   

पतरस (9:33)   

148.  किसने कहा है। हे अविश्वासी और हठीले लोगो, मैं कब तक तुम्हारे साथ रहूंगा, और तुम्हारी सहूंगा? अपने पुत्र को यहां ले आ।?  

यीशु ने अपने शिष्यों से कहा (9:41)   

149.  यीशु ने किस से कहा, उसे मना मत करो; क्योंकि जो तुम्हारे विरोध में नहीं, वह तुम्हारी ओर है ?

यीशु ने यूहन्ना से कहा (9:50)   

150.  मसीह के शिष्य कौन थे जो चाहते थे कि आकाश से आग गिरकर उन्हें भस्म कर दे। ?

याकूब और यूहन्ना (9:54)    

151.  किसके पास सिर धरने की भी जगह नहीं। ?  

 मनुष्य के पुत्र को (9:58)  

152.  किस ने उस से कहा, मरे हुओं को अपने मुरदे गाड़ने दे, पर तू जाकर परमेश्वर के राज्य की कथा सुना। ?  

यीशु (9:60)   

153.  किसने कहा जो कोई अपना हाथ हल पर रखकर पीछे देखता है, वह परमेश्वर के राज्य के योग्य नहीं॥ ?  

 यीशु (9:62)

Chapter 10

154.  154).और इन बातों के बाद प्रभु ने सत्तर और मनुष्य नियुक्त किए और जिस जिस नगर और जगह को वह आप जाने पर था, वहां उन्हें कितने करके अपने आगे भेजा। ?  

वहां उन्हें दो दो करके अपने आगे भेजा। (10: 1)   

155.  किस ने कहा; पके खेत बहुत हैं; परन्तु मजदूर थोड़े हैं: इसलिये खेत के स्वामी से बिनती करो, कि वह अपने खेत काटने को मजदूर भेज दे। ?  

 यीशु (10: 2)  

156.   किसने कहा कि जाओ; देखों मैं तुम्हें भेड़ों की नाईं भेडियों के बीच में भेजता हूं। ?

यीशु (10: 3)   

157. किसने कहा,
मजदूर को अपनी मजदूरी मिलनी चाहिए:

यीशु (10:7)    

158.   यीशु ने किन देशों से कहा था कि आप के लिए हाय है?

 हाय खुराजीन ! हाय बैतसैदा ! जो सामर्थ के काम तुम में किए गए, यदि वे सूर और सैदा में किए जाते, तो टाट ओढ़कर और राख में बैठकर वे कब के मन फिराते।  (10:13)   

159.  कौन जानता था कि मैं शैतान को बिजली की नाईं स्वर्ग से गिरा हुआ देख रहा था। ?  

 यीशु (10:17,18)  

160. और कोई नहीं जानता कि पुत्र कौन है केवल कौन जानता है?   

पिता (10:22)  

161.  कि हे गुरू, अनन्त जीवन का वारिस होने के लिये मैं क्या करूं?  

व्यवस्थापक (10:25)   

162. पड़ोसी से प्यार कैसे करें?   

अपने पड़ोसी से अपने समान प्रेम रख। (10:27)   

163.  एक मनुष्य यरूशलेम से कहाँ गया?  

 यरीहो को (10:30)  

164.  यरुशलम से यरीहो जाने वाले मनुष्य के कपड़े किसने उतार लिए?  

डाकुओं (10:30)   

165.  उसी मार्ग से कौन जा रहा था: परन्तु उसे देख के कतरा कर चला गया। ?  

 एक याजक (10:31)  

166. इसी रीति से कौन उस जगह पर आया, वह भी उसे देख के कतरा कर चला गया। ?  

एक लेवी (10:32)   

167.   सामरी यात्री ने क्या किया ?

परन्तु एक सामरी यात्री वहां निकला, और उसे देखकर तरस खाया।  और उसके पास आकर और उसके घावों पर तेल और दाखरस डालकर पट्टियां बान्धी, और अपनी सवारी पर चढ़ाकर सराय में ले गया, और उस की सेवा टहल की।  (10:33,34)    

168. मार्था की बहन कौन है?   

मरियम (10:39)   

169.  कौन है प्रभु के पांवों के पास बैठकर उसका वचन सुनती थी। ?  

 मरियम (10:39)  

170.  पर कौन सेवा करते करते घबरा गई और उसके पास आकर कहने लगी; हे प्रभु, क्या तुझे कुछ भी सोच नहीं कि मेरी बहिन ने मुझे सेवा करने के लिये अकेली ही छोड़ दिया है?  

मार्था (10:40)   

171.  कौन है बहुत बातों के लिये चिन्ता करती और घबराती है। ?  

 मार्था (10:41)

Chapter 11

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172. हमारे स्वर्गीय पिता से प्रार्थना करने के लिए शिष्यों को किसने सिखाया

यीशु (11:
2)    

173.  किस ने कहा, हां; परन्तु धन्य वे हैं, जो परमेश्वर का वचन सुनते और मानते हैं॥ ?  

यीशु (11:28)   

174.  जैसा यूनुस नीनवे के लोगों के लिये चिन्ह ठहरा, वैसा ही कौन है इस युग के लोगों के लिये ठहरेगा। ?  

मनुष्य का पुत्र भी (11:30)   

175.  कौन है न्याय के दिन इस समय के मनुष्यों के साथ उठकर, उन्हें दोषी ठहराएगी, ?  

दक्खिन की रानी (11:31)   

176.  कौन है सुलैमान का ज्ञान सुनने को पृथ्वी की छोर से आई,?

दक्खिन की रानी (11:31)    

177.  तेरे शरीर का दीया क्या है?  

आंख (11:34)   

178. तेरी आंख निर्मल है, तो तेरा सारा शरीर भी क्या होता है?   

उजियाला (11:34)   

179. तेरी आंख बुरी है, तो तेरा शरीर का क्या होता है?   

अन्धेरा होगा (1:34)   

180.  प्रभु ने किससे कहा, , तुम कटोरे और थाली को ऊपर ऊपर तो मांजते हो, परन्तु तुम्हारे भीतर अन्धेर और दुष्टता भरी है।?   

फरीसियोंसे (11:39)   

181.  कौन है पोदीने और सुदाब का, और सब भांति के सागपात का दसवां अंश देते हो, ?  

फरीसी (1:42)   

182.  कौन है न्याय को और परमेश्वर के प्रेम को टाल देते हो: चाहिए तो था कि इन्हें भी करते रहते और उन्हें भी छोड़ते। ?  

फरीसियों (11:42)   

183.  किसने कहा है। हे फरीसियों, तुम पर हाय ! तुम आराधनालयों में मुख्य मुख्य आसन और बाजारों में नमस्कार चाहते हो। ?

यीशु (11:43)   

Chapter 12

184. यीशु ने किससे डरने के लिए कहा?   

घात करने के बाद जिस को नरक में डालने का अधिकार है, उसी से डरो (12: 5)    

185.   क्या दो पैसे की पांच गौरैयां नहीं बिकतीं? तौभी परमेश्वर उन में से एक को भी नहीं भूलता। यह बात किसने कहा है ?

यीशु (12: 6)   

186.  सिर के सभी बाल क्या किए हैं?  

गिने हुए हैं, (12: 7)   

187.  जो कोई मनुष्यों के साम्हने यीशु को मान लेगा तो क्या है ?  

 उसे मनुष्य का पुत्र भी परमेश्वर के स्वर्गदूतों के सामहने मान लेगा।( 12:8)  

188.  जो मनुष्यों के साम्हने यीशु को इन्कार करेगा तो क्या मिलेगा ?  

उसे परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने इन्कार किया जाएगा।( 12:9)   

189.   जो पवित्र आत्मा की निन्दा करे उसका अपराध क्या किया जायेगा?  

क्षमा किया जायेगा ( 12:10)   

190.  क्योंकि जहां तुम्हारा धन है, वहां तुम्हारा क्या लगा रहेगा॥ ?

तुम्हारा मन भी लगा रहेगा॥ (12:34)   

191.  तुम भी तैयार रहो; क्यों ?  

क्योंकि जिस घड़ी तुम सोचते भी नहीं, उस घड़ी मनुष्य का पुत्र जावेगा।( 12:40)   

192.  मैं पृथ्वी पर क्या लगाने आया हूं; ?

आग लगाने आया हूं; (12:49)   

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