Chapter 14
201. जब कोई तुझे विवाह में बुलाए, तो तू किदर न बैठना?
तो मुख्य जगह में न बैठना (14: 8)
202. और जो कोई अपने आप को बड़ा बनाएगा,तो क्या होता है ?
वह छोटा किया जाएगा; (14:11)
203. और जो कोई अपने आप को छोटा बनाएगा, तो क्या होता है ?
वह बड़ा किया जाएगा॥ (14:11)
204. जो कोई अपना सब कुछ त्याग न दे, तो वह मेरा क्या नहीं हो सकता?
चेला। (14:33)
Chapter 15
205. मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में क्या होता है?
मन फिरानेवाले पापी के विषय में भी स्वर्ग में इतना ही आनन्द होगा, (15: 7)
206. एक मन फिराने वाले पापी के विषय में परमेश्वर के स्वर्गदूतों के साम्हने क्या होता है॥ ?
आनन्द (15:10)
207. खोये हुए सिक्के का दृष्टान्त कहाँ है?
15: 8-10
208. कौन सब कुछ इकट्ठा करके एक दूर देश को चला गया और वहां कुकर्म में अपनी संपत्ति उड़ा दी। ?
छोटा पुत्र (15:13)
209. लूका के सुसमाचार में खोये हुई बकरी का दृष्टान्त कहाँ है?
(15:19)
210. उसे देखकर तरस खाया, और दौड़कर उसे गले लगाया, और बहुत चूमा। कौन ?
पिता (15:20)
211. जिन्होंने कहा, पिता जी, मैं ने स्वर्ग के विरोध में और तेरी दृष्टि में पाप किया है; और अब इस योग्य नहीं रहा, कि तेरा पुत्र कहलाऊं। ?
पिता का सबसे छोटा बेटा (15:21)
212. जो थोड़े से थोड़े में सच्चा है, वह क्या है ?
वह बहुत में भी सच्चा है🙁16:10)
Chapter 16
213. और जो थोड़े से थोड़े में अधर्मी है,वह क्या है ?
वह बहुत में भी अधर्मी है। (16:10)
214. एक धनवान मनुष्य कैसे रहता था। ?
जो बैंजनी कपड़े और मलमल पहिनता और प्रति दिन सुख–विलास और धूम–धाम के साथ रहता था। (16:19)
215. अमीर आदमी के दरवाजे पर पड़े गरीब आदमी का नाम क्या है?
लाज़र (16:20)
216. जब लाज़र मर गया, तो स्वर्गदूत उसे कहाँ ले गए?
इब्राहीम की गोद में (16:22)
217. मरने के बाद अमीर आदमी कहाँ गया?
अधोलोक में उस ने पीड़ा में पड़े हुए (16:23)
218. अमीर आदमी को कितने भाई थे?
पाँच (16:28)
Chapter 17
219. किस ने कहा; कि यदि तुम को राई के दाने के बराबर भी विश्वास होता, तो तुम इस तूत के पेड़ से कहते कि जड़ से उखड़कर समुद्र में लग जा, तो वह तुम्हारी मान लेता। ?
यीशु (17:
6)
220. यीशु ने दस कोढ़ियों को कहाँ से ठीक किया?
सामरिया (17:11)
221. रास्ते में कौन चंगा था?
दस कोढ़ियों (17:14)
222. यीशु ने किस की पत्नी को स्मरण रख ने के लिए कहा गया है?
लूत (17:32)
Chapter 18
223. कितने मनुष्य मन्दिर में प्रार्थना करने के लिये गए;?
एक फरीसी था और दूसरा चुंगी लेने वाला। (18:10)
224. किसने पूछा, हे उत्तम गुरू, अनन्त जीवन का अधिकारी होने के लिये मैं क्या करूं?
सरदार (18:18)
225. अंधा आदमी किस रास्ते पर बैठा?
यरीहो में (18:35)
226. किस ने पुकार के कहा, हे यीशु दाऊद की सन्तान, मुझ पर दया कर। ?
अंधा (18:38)
Chapter 19
227. कौन था ज़क्कई?
चुंगी लेने वालों का सरदार और धनी था। (19: 2)
228. खोए हुओं को ढूंढ़ने और उन का उद्धार करने कौन आया है॥ ?
मनुष्य का पुत्र (19:10)
229. एक गदही का बच्चा जिस पर कभी कोई सवार नहीं हुआ, बन्धा हुआ तुम्हें मिलेगा, उसे क्या करना चाहिए?
उसे खोल कर लाओ।(19:30)
230. कौन गधे पर सवार किया। ?
यीशु (19:35)
231. किसने कहा,
कि तुम से कहता हूं, यदि ये चुप रहें, तो पत्थर चिल्ला उठेंगे॥ ?
यीशु (19:40)
232. किसने कहा कि तुझ में पत्थर पर पत्थर भी न छोड़ेंगे; ?
यरूशलेम में मंदिर के बारे में यीशु ने बात की (19:44)
233. किस ने कहा, लिखा है; कि मेरा घर प्रार्थना का घर होगा: परन्तु तुम ने उसे डाकुओं की खोह बना दिया है॥ ?
यीशु (19:46)
234. जिन्होंने यीशु को नाश करने का अवसर ढूंढ़ते थे। ?
महायाजक और शास्त्री और लोगों के रईस (19:47)
Chapter 20
235. किसने कहा कि परमेश्वर तो मुरदों का नहीं परन्तु जीवतों का परमेश्वर है: क्योंकि उसके निकट सब जीवित हैं। ?
यीशु (20:38)
236. शास्त्रियों ने यीशु को क्या बुलाया?
गुरू (20:39)
Chapter 21
237. कौन अपना दान भण्डार में अपनी सारी जीविका डाल दी है॥ ?
कंगाल विधवा (21: 4)
238. किसने कहा कि तुम्हारे सिर का एक बाल भी बांका न होगा।?
यीशु (21:18)
239. किसको सामर्थ और बड़ी महिमा के साथ बादल पर आते देखेंगे?
मनुष्य के पुत्र को (21:27)
240. आकाश और पृथ्वी टल जाएंगे, परन्तु क्या कभी न टलेंगी॥?
परमेश्वर का वचन (21:33)
Chapter 22
241. शैतान ने किन चेलों मैं प्रवेश किया?
यहूदा में (22: 3)
242. महायाजकों और पहरूओं के सरदारों के साथ क्या बातचीत की?
उस को किस प्रकार उन के हाथ पकड़वाए। ( 22:4)
243. किसको रूपये देने का वचन दिया। ?
यहूदा को 22:5
244. वह तुम्हें एक सजा – सजाया एक बडा़ ऊपरी कक्ष दिखाएगा ; वहां क्या तैयारी करना?
फसह (22:12)
245. किसने कहा, मेरे स्मरण के लिये यही किया करो। ?
यीशु ने अपने शिष्यों से कहा (22:19)
246. कौन सिंहासनों पर बैठकर इस्त्राएल के बारह गोत्रों का न्यायकरेगा?
यीशु के शिष्य (22:30)
247. शैतान ने तुम लोगों को मांग लिया है कि गेंहूं की नाईं फटके। शैतान किसके लिए मांग लिया है?
शमौन (22:31)
248. ककिस ने कहा; हे पतरस मैं तुझ से कहता हूं, कि जब तक तू इस बात से कि मुझे जानता है आज तीन बार इनकार न कर लेगा मुर्गा बांग ना देगा ?
यीशु (22:34)
249. कौन जैतून के पहाड़ पर गया, और चेले भी उसके पीछे चल पडे?
यीशु (22:39)
250. प्रार्थना करने से क्या मिलता है?
प्रार्थना करो,
कि तुम परीक्षा में न पड़ो। (22:40)
251. किसने प्रार्थना की मेरी इच्छा नहीं परन्तु तेरी ही इच्छा पूरी हो। ?
यीशु (22:42)
252. किसका पसीना मानो लोहू की बड़ी बड़ी बून्दों की नाईं भूमि पर गिर रहा था। ?
यीशु के (22:44)
253. किसने यहूदा से कहा। हे यहूदा, क्या तू मनुष्य के पुत्र को चूमकर धोखे से पकड़वाता है?
यीशु (22:48)
254. और उन में से एक ने किस के दास पर चलाकर उसका दाहिना कान उड़ा दिया। ?
महायाजक के दास का (22:50)
255. कौन महायाजक के दास का कान छूकर उसे अच्छा किया।?
यीशु (22:51)
256. जब वे आंगन के मध्य आग जलाकर बैठ चुके तो कौन भी उन के बीच में बैठ गया?
पतरस (22:55)
257. पतरस ने यीशु को इन्कार किया तब क्या हुआ ?
वह कह ही रहा था कि तुरन्त मुर्ग ने बांग दी। ( 22:60)
258. पतरस को क्या याद आई ?
कि आज मुर्ग के बांग देने से पहिले, तू तीन बार मेरा इन्कार करेगा। ( 22:61)
259. कौन है सर्वशक्तिमान परमेश्वर की दाहिनी और बैठा रहेगा।?
अब से मनुष्य का पुत्र (22:69)
Chapter 23
260. यहूदियों का राजा कौन है ?
यीशु मसीह (23:3)
261. किस ने महायाजकों और लोगों से कहा, मैं इस मनुष्य में कुछ दोष नहीं पाता। ?
पीलातुस (23:
4)
262. कौन यीशु को देखकर बहुत ही प्रसन्न हुआ,
हेरोदेस (23: 8)
263. कौन लंबे समय से यीशु को देखना चाहता है?
हेरोदेस (23: 8)
264. कौन यीशु का कुछ चिन्ह देखने की आशा रखता था। ?
हेरोदेस (23:
8)
265. किसने यीशु का अपमान करके ठट्ठों में उड़ाया ?
हेरोदेस ने अपने सिपाहियों के साथ (23:11)
266. शमौन नाम एक कुरेनी को क्या किया ?
पकड़ा और क्रूस उसके कंधे पर रखा कि वह यीशु के पीछे पीछे ले चले॥ (23:26)
267. यीशु ने यरूशलेम की पुत्रियों से क्या कहा?
मेरे लिये मत रोओ; परन्तु अपने और अपने बालकों के लिये रोओ। (23:28)
268. यीशु को कहाँ क्रूसों पर चढ़ाया गया था?
जब वे उस जगह जिसे खोपड़ी कहते हैं पहुंचे, तो उन्होंने वहां उसे और उन कुकिर्मयों को भी एक को दाहिनी और और दूसरे को बाईं और क्रूसों पर चढ़ाया। (23:33)
269. यीशु कब तक क्रूसों में रहता था?
छह घंटे (23: 33-46)
270. किस ने कहा; हे पिता, इन्हें क्षमा कर, क्योंकि ये नहीं जानते कि क्या कर रहें हैं ?
यीशु (23:34)
271. उसके ऊपर एक पत्र भी लगा था, क्या था ?
यह यहूदियों का राजा है (23:38)
272. किस ने कहा; हे यीशु, जब तू अपने राज्य में आए, तो मुझे स्मरण करना?
कुकर्मी (चोर) (23:42)
273. सूरज कब अंधेरा हुआ?
और लगभग दो पहर से तीसरे पहर तक सारे देश में अन्धियारा छाया रहा। (23:44)
274. किसने परमेश्वर की बड़ाई की, और कहा; निश्चय यह मनुष्य धर्मी था। ?
सूबेदार (23:47)
275. यूसुफ कौन था?
मंत्री (23:47)
276. यूसुफ नाम एक मन्त्री था वह कैसे थे ?
धर्मी पुरूष । (23:50)
277. यूसुफ नाम एक मन्त्री कहां रहनेवाला था ?
वह यहूदियों के नगर अरिमतीया में रहनेवाला था (23:51)
278. परमेश्वर के राज्य की प्रतीक्षा करने वाला कौन था?
मंत्री यूसुफ (23:51)
279. किस ने पीलातुस के पास जाकर यीशु की शव मांगा है?
अरिमतीया के यूसुफ (23:52)
280. यीशु के शरीर को क्या किया ?
उसने उसे उतारकर मलमल के कपड़े में लपेटा और एक कब्र में रखा जो चट्टान काटकर बनाई गई थी जिसमें कभी कोई नहीं रखा गया था( 23:53)
Chapter 24
281. यीशु की कब्र पर कौन गया?
मरियम मगदलीनी ,योअन्ना,और याकूब की माता मरियम (24:10)
282. यरूशलेम से इम्माऊस तक कितनी दूर है?
सात मील की दूरी पर था। ( 24:13)
283. उन्होंने आपस में क्या कहा;?
जब वह मार्ग में हम से बातें करता था, और पवित्र शास्त्र का अर्थ हमें समझाता था, तो क्या हमारे मन में उत्तेजना न उत्पन्न हुई ( 24:32)
284. कौन से किताबों में यीशु के बारे में लिखा है?
मूसा की व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं और भजनों की पुस्तकों में, मेरे विषय में लिखी हैं,(24:44)
285. क्षमा और पश्चाताप किसके नाम पर?
यीशु के (24:47)

