Chapter 6
179. पर्वत पर उपदेश” में यीशु ने जो कहा वह किया जाना चाहिए क्या?
दान, उपवास करना और प्रार्थना करना (6:1-18)
180. दान कैसे दें?
गुप्त में (6: 3)
181. क्यों देना, प्रार्थना और उपवास गुप्त रूप से करना चाहिए?
आपको परमेश्वर द्वारा प्रतीफल किया जाएगा (6:4,6,18)
182.वे यहूदी आराधनालयों और गली के नुक्कड़ों पर खड़े होकर प्रार्थना करना चाहते हैं कौन?
कपटियों(6: 5)
183.विधर्मियों का प्रार्थना कैसा है?
जब तुम प्रार्थना करते हो तो विधर्मियों की तरह यूँ ही निरर्थक बातों को बार-बार मत दुहराते रहो। वे तो यह सोचते हैं कि उनके बहुत बोलने से उनकी सुन ली जायेगी (6: 7)
184.क्षमा के लिए क्या आवश्यक है?
मनुष्यों को क्षमा कर जब वे तुम्हारे क्षमा कीया(6:14)
185. पृथ्वी के बजाय खजाने को कहाँ जमा करना चाहिए?
स्वर्ग में; जंग, चोरों न चुराते (6:19-20)
186. शरीर का प्रकाश क्या है?
आंख (6:22)
187.भोजन से बड़ा क्या है?
जीवन (6:25)
188.कपड़े से ज्यादा महत्वपूर्ण क्या है?
शरीर (6:25)
189.वे न तो बोते हैं, न काटते हैं, और न खलिहानों में जमा करते हैं, तौभी तुम्हारे स्वर्गीय पिता उन्हें खिलाते हैं”
आकाश के पंछी (6:26)
190. किसने कहा,आकाश के पक्षियों को देखो?
यीशु (6:26)
191. प्रकृति के दो उदाहरणों का उल्लेख कीजिए जो यीशु ने हमें परमेश्वर के को दिखाने के लिए दिए थे प्रावधान?
पक्षी, मैदान की खतो (6:26,28)
192. पहले क्या देखना है?
इसलिये सबसे पहले परमेश्वर के राज्य और तुमसे जो धर्म भावना वह चाहता है, उसकी चिंता करो। तो ये सब वस्तुएँ तुम्हें दे दी जायेंगी। (6:33)
193.हमें कल की चिंता क्यों नहीं करनी चाहिए?
कल के लिए खुद की चिंता होगी।प्रत्येक दिन की अपनी पर्याप्त परेशानी होती है (6:34)
Chapter 7
194. न्याय करने से बचने के लिए क्या करना है?
“दूसरों पर दोष लगाने की आदत मत डालो ताकि तुम पर भी दोष न लगाया जाये। (7: 1)
195.किस आधार परनापते है?
जिस नाप से तुम नापते हो, उसी से तुम्हारे लिये भी नापा जाएगा( 7:2)
196.कुत्तों को पवित्र वस्तु मत दो। यह बात किसने कहा?
यीशु(7:6)
197.अपने मोती सूअरों के आगे मत डालो; यह बात किसने कहा?
यीशु(7:6)
198.किसको मिलता है?
जो कोई मांगता है, उसे मिलता है; (7: 7)
199.कौन पाता है ?
जो ढूंढ़ता है, वह पाता है(7: 7)
200.किस के लिए खोलता है?
खटखटाते रहो तुम्हारे लिए द्वार खोल दिया जायेगा। (7: 7)
201. यीशु मसीह द्वारा दी गई प्रार्थना के तीन पहलुओं का उल्लेख करें?
मांग;खोजो, खटखटाओ (7:7-8)
202. पवित्र बाइबिल के स्वर्ण पद (नियम) का उल्लेख करें?
हर बात में दूसरों के साथ वही करो जो तुम चाहते हो कि वे तुम्हारे साथ करें, क्योंकि यह व्यवस्था का सार है और नबी (7:12)
203.स्वर्ग के राज्य में कौन प्रवेश करेगा?
जोस्वर्गीय पिता की इच्छा पर चलता है।(7:21)
204. चट्टान पर अपना घर किसने बनवाया?
एक बुद्धिमान व्यक्ति (7:24)
205. वह कैसे है जो रेत पर घर बनाता है?
वह जोईश्वर का वचन नहीं सुनता है (7:26)
Chapter 8
206.जब वह पहाड़ से नीचे आया तो यीशु कीप्रणाम किसने की?
एक कोढ़ी (8: 3)
207. मैं तुम्हें साफ करना चाहता हूंयह किसनेकहा था?
यीशु ने कोढ़ी से कहा (8: 3)
208. कुष्ठ रोग से चंगा होने के बाद खुद को दिखाने वाला व्यक्ति कौन था?
याजक (8:4)
209. मैं आकर उसे ठीक कर दूंगा। किसने किसको कहा?
तब यीशु ने सेना नायक से कहा, “मैं आकर उसे अच्छा करूँगा।”(8: 7)
210.किसने कहा, प्रभु मैं इस योग्य नहीं हूँ कि तू मेरे घर में आये?
सेना नायक ने उत्तर दिया, (8: 8)
211. सेना नायक ने उत्तर दिया, “प्रभु मैं इस योग्य नहीं हूँ कि तू मेरे घर में आये। इसलिये केवल आज्ञा दे दे, वह ठीक हो जाएगा। कोन?
मेरा दास ठीक हो जायेगा। (8: 8)
212. किसने कहा“मैं तुमसे सत्य कहता हूँ मैंने इतना गहरा विश्वास इस्राएल में भी किसी में नहीं पाया?
यीशु (8:10)
213.उस सूबेदार के बारे में क्या था जिसने यीशु को अचंभित किया?
विश्वास (8:10)
214.यीशु जब पतरस के घर पहुँचा तब वहां कौन बीमारी में था ?
उसने पतरस की सास को बुखार से पीड़ित बिस्तर में लेटे देखा।(8:14)
215.अपनी एक ही आज्ञा से उसने दुष्टात्माओं को निकाल दिया। इस तरह उसने सभी रोगियों को चंगा कर दिया। कौन?
यीशु (8:16)
216. प्रभु, पहले मुझे जाकर अपने पिता को गाड़ने की अनुमति दे।” यह किसने कहा?
शिष्यों में से एक (8:21)
217. तब यीशु ने किस से कहा, “अरे अल्प विश्वासियों! तुम इतने डरे हुए क्यों हो?”
शिष्य से (8:26)
218. यीशु गदरेनियों के देश पहुँचा,तो उसे कब्रों से निकल कर आतेकितने व्यक्तियों को मिला था?
दो (8:28)
219.किसने कहा“यदि तुझे हमें बाहर निकालना ही है, तो हमें सुअरों के उस झुंड में भेज दे?”
दुष्टात्माओं (8:31)
220.दानव प्रभावित सूअरों का क्या हुआ?
सारा झुण्ड झील में खड़ी किनारे से नीचे उतरा और पानी में मर गया (8:32)
Chapter 9
221.यीशु ने पुत्र के रूप में किसको संबोधित किया?
लकवे के रोगी से कहा,हिम्मत रख हे बालक (9: 2)
222.लकवाग्रस्त के पापों को किसनेक्षमा किया है?
यीशु (9:2)
223.किसने कहा यह व्यक्ति (यीशु) अपने शब्दों से परमेश्वर का अपमान करता है।”?
तभी कुछ यहूदी धर्मशास्त्री आपस में कहने लगे, “यह व्यक्ति (यीशु) अपने शब्दों से परमेश्वर का अपमान करता है।” (9: 3)
224.पृथ्वी पर पापों को क्षमा करने की शक्ति किसके पास है?
यीशु के पास (9: 6)
225. चेलों से किसने कहा: “तुम्हारे शिक्षक चुंगी लेने वालों के साथ क्यों खाते हैं और पापी”?
फरीसी (9:11)
226.किसने कहा,“स्वस्थ लोगों को नहीं बल्कि रोगियों को एक चिकित्सक की आवश्यकता होती है?
यीशु (9:12)
227. पापियों को बुलाने कौन आया था?
यीशु (9:13)
228. “क्या दूल्हे के साथी, जब तक दूल्हा उनके साथ है, शोक मना सकते हैं? किन्तु वे दिन आयेंगे जब दूल्हा उन से छीन लिया जायेगा। फिर उस समय वे दुःखी होंगे और उपवास करेंगे।यह बात किसने कहा ?
यीशु (9:15)
229.नया दाखरस पुरानी मशकों में नहीं भरा जाता नहीं तो मशकें फट जाती हैं और दाखरस बहकर बिखर जाता है। और मशकें भी नष्ट हो जाती हैं। यह बात किसने कहा ?
यीशु (9:17)
230. यीशु से किसने कहा: “मेरी बेटी अभी-अभी मरी है, लेकिन आओ और अपनी उस पर हाथ रखो और वह जीवित रहेगी।”?
एक सरदार (9:18)
231. वहीं एक ऐसी स्त्री थी जिसेकितने साल से बहुत अधिक रक्त बह रहा था। ?
12 साल (9:20, 21)
232.जिस महिला ने कहा कि सिर्फयीशु के कपड़े छूने से चंगा हो जाएगी?
रक्त बह रहा महिला (9:21)
233. दो अन्धे व्यक्ति क्या पुकार रहे थे ?
“हे दाऊद के पुत्र, हम पर दया कर।” (9:27)
234. यीशु ने अंधों से अपने विश्वास को मजबूत करने के लिए क्या प्रश्न पूछा?
“क्या आप मानते हैं कि मैं यह करने में सक्षम हूँ?”(9.28)
235. यीशु ने किससे कहा: “तुम्हारे विश्वास के अनुसार तुम्हारे साथ किया जाएगा”?
दो अंधे आदमी (9:29)
236.किसने कहा, “वह दुष्टात्माओं को शैतान की सहायता से बाहर निकालता है?”
फ़रीसी कह रहे थे (9:34)
237. यीशु की तिहरी सेवकाई क्या थी?
शिक्षण, उपदेश, उपचार (9:35)
238. फसल के प्रभु से यीशु का क्या अनुरोध था?
मजदूरों को अपने फसल के खेत में भेजने के लिए (9:38)